2 line shayari ( दो लाइन शायरी) 2019

2 line Shayari or two line Shayari are those Shayari which are said in 2 lines. Like if you want to say something to someone then short Shayari can describe the whole meaning. Search on google ( 2 line Shayari) you will get the result.

2 Line Shayari

Like you don’t have to say or read long Shayari to express something. Two line Shayari consists of all mood like Love, Romantic, Sad, Heart Broken, etc. These दो लाइन शायरी  can melt every heart or mood and care.  

Those person looking for short shayari or two line shayari then they can definately give a try on 2 line shayari.

2 Line Shayari

So here we have collected the besदो लाइन शायरी in Hindi and English Languages (Font). So Sit back and enjoy the two line Shayari and share it with your family and friends.

Paaon Ke LadKhadane Pe To Sabki Hai Najar,
Sar Pe Kitna Bojh Hai Koi Dekhta Nahin.

2 Line Shayari

Sitam Ye Hai Ke Humari Safon Mein Shamil Hain,
Charaag Bujhte Hi Khema Badlne Wale Log.

Girna Tha Jo Aapko Toh Sau Maqaam The,
Ye Kya Kiya Ke Nigaahon Se Gir Gaye.

Ek Rasta Yeh Bhi Hai Manzilon Ko Paane Ka,
Seekh Lo Tum Bhi Hunar Haan Mein Haan Milane Ka.

Dil Se Dil Mile Ya Na Mile Haath Milaao,
Humko Ye Saleeka Bhi Badi Der Se Aaya.

मिलने को तो हर शख्स एहतराम से मिला,
पर जो मिला किसी न किसी काम से मिला।

दो शब्द तसल्ली के नहीं मिलते इस शहर में,
लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं।

आप की खा़तिर अगर हम लूट भी लें आसमाँ,
क्या मिलेगा चंद चमकीले से शीशे तोड़ के।

two line shayari

पांवों के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र,
सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं।

Samandar Bebasi Apni Kisi Se Keh Nahi Sakta,
Hajaron Meel Tak Faila Hai Fir Bhi Beh Nahi Sakta Hai.

Aayina Phaila Raha Hai KhudFarebi Ka Ye Marz,
Har Kisi Se Keh Raha Hai Aap Sa Koi Nai.

सितम ये है कि हमारी सफों में शामिल हैं,
चराग बुझते ही खेमा बदलने वाले लोग।

Zinda Rahane Ki Ab Yeh Tarkeeb Nikaali Hai,
Zinda Hone Ki Khabar Sab Se Chhupa Li Hai.

Kya Kahiye Kis Tarah Se Jawani Gujar Gayi,
BadNaam Karne Aayi Thi BadNaam Kar Gayi.

एक रास्ता ये भी है मंजिलों को पाने का,
सीख लो तुम भी हुनर हाँ में हाँ मिलाने का।

जब तक था दम में दम न दबे आसमाँ से हम,
जब दम निकल गया तो ज़मीं ने दबा लिया।

Iss Daur-e-Siyasat Ka Itna Sa Fasana Hai,
Basti Bhi Jalani Hai Maatam Bhi Manana Hai.

आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज,
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।

Khoob Hausla Barhaya Aandhiyon Ne Dhool Ka,
Magar Do Boond Barish Ne Aukaat Bata Di.

Hunar Bataate Agar Uske Aib Ko Hum Bhi,
Toh Doston Mein Humein Bhi Shumaar Kar Leta.

 दो लाइन शायरी

अगर बिकने पे आ जाओ तो घट जाते हैं दाम अक्सर,
न बिकने का इरादा हो तो क़ीमत और बढ़ती है।

चलो आज अपना हुनर आज़माते हैं,
तुम तीर आजमाओ हम अपना जिगर आज़माते हैं।

शायर कह कर मुझे बदनाम ना करना दोस्तो,
में तो रोज़ शाम को दिन भर का हिसाब लिखता हूँ।

जिसको आज मुझमें हज़ारों गलतियां नज़र आती हैं,
कभी उसी ने कहा था तुम जैसे भी हो… मेरे हो।

दो शब्द तसल्ली के नहीं मिलते इस शहर में,
लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं।

पांवों के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र,
सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं।

जब तक था दम में दम न दबे आसमाँ से हम,
जब दम निकल गया तो ज़मीं ने दबा लिया।

ज़िंदा रहने की अब ये तरकीब निकाली है,
ज़िंदा होने की खबर सब से छुपा ली है।

खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का,
मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी।

जो मुँह तक उड़ रही थी अब लिपटी है पाँव से,
बारिश क्या हुई मिट्टी की फितरत बदल गई। 2 line shayari

निकल आते हैं आँसू गर जरा सी चूक हो जाये,
किसी की आँख में काजल लगाना खेल थोड़े ही है।

मिले जो मुफ्त में उस चीज की कीमत नहीं होती,
हुई है कद्र हर इक साँस की जब वक़्त आया है।

सूखे हुए शजर को पानी मिला नहीं,
आज सब्ज़ हुआ आँगन तो बारिश होने लगी।

न रुकी वक़्त की गर्दिश न ज़माना बदला,
पेड़ सूखा तो परिंदों ने ठिकाना बदला।

वही ज़मीन है वही आसमान वही हम तुम,
सवाल यह है ज़माना बदल गया कैसे।

कभी तो अपने अन्दर भी कमियां ढूढ़े,
ज़माना मेरे गिरेबान में झाँकता क्यूँ हैं।

अक्स-ए-ख़ुशबू हूँ बिखरने से न रोके कोई,
और बिखर जाऊँ तो मुझको न समेटे कोई।

तारीफ़ अपने आप की करना फ़िज़ूल है,
ख़ुशबू खुद बता देती है कौन सा फ़ूल है।

एक रास्ता ये भी है मंजिलों को पाने का,
सीख लो तुम भी हुनर हाँ में हाँ मिलाने का।

ज़िन्दगी यूँ ही बहुत कम है, मोहब्बत के लिए,
फिर एक दूसरे से रूठकर वक़्त गँवाने की जरूरत क्या है।

खुदा या नाखुदा अब जिसको चाहो बख्श दो इज्जत,
हकीकत में तो कश्ती इत्तिफाकन बच गई अपनी।

We are adding the two line shayari more and more. So stay tune and share it.